
बेंगलुरु: उच्च न्यायालय ने धारवाड़ के उपायुक्त और हुबली-धारवाड़ शहर के पुलिस आयुक्त को याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर विचार करने और यह देखने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है कि गन्ने की कीमतों में वृद्धि की मांग को लेकर किसान संगठनों के विरोध प्रदर्शन के कारण मयूरी एस्टेट, केशवपुर, हुबली के निवासियों के जीवन और संपत्ति को कोई खतरा न हो।
न्यायमूर्ति अनु शिवरामन और न्यायमूर्ति केएस भरत कुमार की खंडपीठ ने संगमनाथ हांजी और सात अन्य द्वारा दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसमें अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी कि गन्ने की कीमतों में वृद्धि की मांग को लेकर किसान संगठनों द्वारा कोई भी विरोध, रैली, जुलूस, धरना या घेराव एचसी द्वारा पारित 1 अगस्त, 2022 के आदेश के अनुसार सख्ती से किया जाए, केवल प्राधिकरण द्वारा निर्दिष्ट स्थान पर और मयूरी एस्टेट के आवासीय इलाके के भीतर नहीं।
वरिष्ठ वकील पीपी हेगड़े ने कहा कि आवासीय क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर निवासियों को अनुच्छेद 19(1)(डी) और अनुच्छेद 21 के तहत उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि जीवन और संपत्ति की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का मुद्दा प्रतिवादी-अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है और यह देखने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे कि विरोध प्रदर्शन नियंत्रित हों।





